दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट Delhi Blast मामले में कोर्ट ने शनिवार को चार आरोपियों की एनआईए रिमांड को 10 दिनों के लिए और बढ़ा दिया। एनआईए की टीम आरोपियों को कोर्ट से अपने साथ ले गई और अब उनसे आतंकी मॉड्यूल की फंडिंग, प्लानिंग और विदेशी लिंक के बारे में पूछताछ करेगी।
अदालत ने इससे पहले भी (Delhi Blast) डॉ. मुजम्मिल गनी, अदील राथर, शाहिना सईद और मौलवी इरफान अहमद वागे को 10 दिन की रिमांड पर भेजा था। 20 नवंबर को एनआईए ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए इन चारों को गिरफ्तार किया था। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से एनआईए की कस्टडी में भेजा गया।
एनआईए ने अदालत से 15 दिन की हिरासत की मांग की थी ताकि पूरे मॉड्यूल को बेनकाब किया जा सके, लेकिन कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड ही मंजूर की। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने ब्लास्ट (Delhi Blast) की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इस धमाके में कई निर्दोष लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एनआईए अब (Delhi Blast) आरोपियों से आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और विदेशी फंडिंग से जुड़े राज उगलवाने की कोशिश करेगी। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

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