Ekadashi: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसके पालन से धन-समृद्धि, सौभाग्य, पापों का नाश और जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है। माघ मास को जप, तप और दान-पुण्य के लिए विशेष माना गया है, इसलिए इस महीने की दोनों एकादशी तिथियां अत्यंत शुभ हैं।
माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार यह तिथि 13 जनवरी 2026 को दोपहर 03:16 बजे से प्रारंभ होकर 14 जनवरी 2026 को शाम 05:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत 14 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायक हैं।
षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तिल अर्पित करने, तिल का दान करने और तिल का सेवन करने का विशेष महत्व है। इस बार यह व्रत मकर संक्रांति के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है। तिल के लड्डू खाना, दान करना और पवित्र नदी में स्नान करना इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
माघ मास की दूसरी एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है, जो 29 जनवरी 2026 को पड़ेगी। इस दिन रवि योग का संयोग बन रहा है। इसे भीष्म एकादशी या भूमि एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में शुभता आती है।
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