Atomic Energy Bill 2025: केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक देश की न्यूक्लियर पावर क्षमता को वर्तमान 8.8 गीगावॉट से बढ़ाकर 100 गीगावॉट तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। यह ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। इसी दिशा में सरकार आगामी संसद के शीतकालीन सत्र (1 दिसंबर से) में एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 (Atomic Energy Bill 2025) पेश करने जा रही है।
Atomic Energy Bill 2025 के जरिए भारत के न्यूक्लियर सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी को औपचारिक रूप से बढ़ावा मिलेगा। निजी कंपनियों को रिएक्टर निर्माण, यूरेनियम सप्लाई चेन, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकास और एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से क्लीन एनर्जी की दिशा में भारत की प्रगति तेज होगी और कैपिटल गुड्स, एनर्जी तथा एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य (Atomic Energy Bill 2025) न्यूक्लियर क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है ताकि 2047 तक 100 गीगावॉट का लक्ष्य हासिल किया जा सके। ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के लिए निजी क्षेत्र की भूमिका को अहम माना जा रहा है।

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