एजेंसी/नई दिल्ली| Indian Destination Weddings – भारतीय शादियों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब शादियां सिर्फ देश के पारंपरिक स्थलों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि विदेशी समुद्र तटों, यूरोपीय शहरों और लग्जरी पैलेस रिसॉर्ट्स तक पहुंच गई हैं। इस बदलते ट्रेंड का असर ट्रैवल और इंश्योरेंस सेक्टर के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है।
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए थाईलैंड सबसे पसंदीदा विदेशी ठिकाने के रूप में उभरा है। इसके अलावा वियतनाम और श्रीलंका कम बजट में खूबसूरत विकल्प बन रहे हैं। वहीं, इटली, स्पेन और ग्रीस जैसे यूरोपीय देश हाई-बजट शादियों के लिए चुने जा रहे हैं। ओमान और मालदीव भी निजी और लग्जरी समारोहों के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं।
पॉलिसी बाजार की रिपोर्ट के अनुसार, डेस्टिनेशन वेडिंग से जुड़े ट्रैवल इंश्योरेंस की मांग में 2023 से 2024 के बीच 27.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2024-25 में भी यही ग्रोथ ट्रेंड जारी है। इसका कारण यह है कि अब लोग शादी को वेकेशन के साथ जोड़कर देख रहे हैं। शादी अब पारिवारिक आयोजन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रा का अवसर बन चुकी है।
ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार, वैश्विक वेडिंग टूरिज्म मार्केट 2033 तक 55 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, क्रेडीफाई और फॉर्च्यून इंडिया की रिपोर्ट बताती है कि भारत में एक करोड़ रुपये से अधिक बजट वाली 60 प्रतिशत से ज्यादा शादियां अब डेस्टिनेशन वेडिंग्स के रूप में आयोजित हो रही हैं।
देश के भीतर भी यह क्रेज कम नहीं हुआ है। राजस्थान अब भी सबसे लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है, जहां जैसलमेर की रेत और जयपुर-जोधपुर के महल शाही अनुभव देते हैं। इसके साथ ही गुलमर्ग की बर्फीली वादियों में शादी करने वाले जोड़ों की संख्या भी बढ़ रही है।
शहरों की बात करें तो मुंबई (16%), बेंगलुरु (13%) और दिल्ली (8%) सबसे आगे हैं। हैदराबाद और चेन्नई भी तेजी से इस ट्रेंड में शामिल हो रहे हैं। टियर-2 शहरों से भी डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना बनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जेन जी के 49% युवा और करीब 33% मिलेनियल्स घर से दूर शादी करना पसंद कर रहे हैं।

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